Monday, 11 September 2023

सीख

 सीख 

वक्त बुरा , हाल बेहाल हैं देखो तो आज इंसान का 

पहाड़ दरक रहे , जमीं फट रही , हर तरफ आलम पुकार का

अलग-अलग हैं जगह सभी ,फिर भी जुड़ रहा रिश्ता दर्द का

बादल की गर्जन से आज , इंसानी चेहरा भी हैं भीगा सर्द सा 

सांझ ढल रही , फिर भी आसमां में कहीं आसदीप हैं चांद सा

मनस्वी ..निशा के बाद अब होगा, भोर उजला शांत सा 

ए मानव !मत घबरा सीख ले बस !आशियाना नया बसा 

प्रेम कर प्रकृति से , ना फाड़ उसका सीना , ना ही उसमे समा 

सृष्टा हैं वो , दृष्टा भी , तुझमें भी हैं समाया , ना तुझसे हैं जुदा 

मनस्वी .. मत भूल उसे , कर वंदन, वही ईश हैं वही खुदा ।।

©® मनस्वी 


Sunday, 10 September 2023

भाव

 कुछ तो है जो रज़ा बन बह रहा है हममें

मनस्वी .. 

नहीं तो भाव शब्दों से हम खेला नहीं करते 


आँखे

 

मुद्दत हो गयी थी आँखें भीगी न थी...
मनस्वी .. अब के जो भीगी , तो समुन्दर बन गयी

शब्द आज कहीं खो से गये है

मन के भंवर में सो से गये है

मनस्वी............

पल पल हंसाती रहती है जिंदगी

मगर हम हँसते हँसते रो पड़े है 


एतबार

 कुछ तो किरच है अभी दरमियाँ हमारे

मनस्वी .. यूँ ही तो एतबार की ये इंतिहाँ न होती 😇


Sunday, 9 August 2020

जिंदगी

 ✍️✍️ ☺️

हिसाब न रखो ज़िन्दगी की किताब का

मनस्वी..

हर सफा , इसका सकूं दें जरूरी तो नहीं😊😊 ©®