Saturday, 9 February 2013

डर ....................................................................

आज हर लड़की सहमी -सहमी सी है ,डरी-डरी सी है ,गुमसुम सी है कि कहीं वो भी न खो दे अपना अस्तित्व दामिनी सा ..और खो न जाये कहीं इस वहशी भूल -भुलैया में ,और उसके सपने उसके माँ -बाप के लिए सच में सपने बन जाये.. न जाने क्यों ये डर न चाहते हुए भी ................................

अब  दिल  में  हमेशा  एक  डर सा रहता है 
हर  पल  न  जाने  क्यों  सहमा सा रहता है 
अब  व्याकुल  ये  मन  घबराया सा रहता है 
जैसे आने वाले गम से बौखलाया सा रहता है
ख्याल  एक  हमेशा अब डराता सा रहता है 
हर  पल  वो  हमें  बस  सताता  सा रहता है 
न जाने क्यों डर ये मन में छाया सा रहता है 
हर पल में , हर क्षण में ,हमसाया सा रहता है 
.........................मनस्वी ............................
 

7 comments:

  1. देर से सही इंसाफ का परचम लहराएगा - ब्लॉग बुलेटिनआज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. yahi aasha hai ji warna ...aaj to manav haivan ka rup le chuka hai ........... :(

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  3. इस भय को दूर भगाना है....
    नारी शक्ति है,
    बस एक बार इन कापुरुषों को काली का रूप दिखाना है...

    साहसी बनो....तुमसे है ज़माना...
    अनु

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  4. प्रिय ब्लागर
    आपको जानकर अति हर्ष होगा कि एक नये ब्लाग संकलक / रीडर का शुभारंभ किया गया है और उसमें आपका ब्लाग भी शामिल किया गया है । कृपया एक बार जांच लें कि आपका ब्लाग सही श्रेणी में है अथवा नही और यदि आपके एक से ज्यादा ब्लाग हैं तो अन्य ब्लाग्स के बारे में वेबसाइट पर जाकर सूचना दे सकते हैं

    welcome to Hindi blog reader

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    1. जी धन्यवाद । आज बहुत समय बाद ब्लॉग खोल पायी । आभार ।

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    2. जी धन्यवाद । आज बहुत समय बाद ब्लॉग खोल पायी । आभार ।

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